टॉन्सिल्स की सूजन के लिए कारगर होम्योपैथी इलाज : सुरक्षित और सस्ता उपचार

टॉन्सिल्स की सूजन के लिए कारगर होम्योपैथी इलाज : सुरक्षित और सस्ता उपचार

क्या होम्योपैथी उपचार से टॉन्सिल्स की सूजन बिना ऑपरेशन के जड़ से ठीक हो सकती है ?

जी हाँ !

अधिकतर टॉन्सिल्स की सूजन बिना ऑपरेशन के ही योग्य होम्योपैथी उपचार द्वारा जड़ से ठीक हो सकती है !

टॉन्सिल्स की सूजन के दो मुख्य मूल कारण इस प्रकार है >>

  • शरीर में विष द्रव्यों (Toxins) का जमा होना और
  • रोग प्रतिकार शक्ति का कमजोर होना।

इसलिए इसे जड़ से ठीक करने के लिए जरुरी है कि सही उपचार प्रक्रिया द्वारा

  • प्रतिकार शक्ति को बढ़ाया जाये और
  • शरीर का शुद्धिकरण (Detoxification) किया जाये !

सर्वोत्तम उपचार वही होता है जो रोगों के मूल कारणों को सुरक्षित तरीकों से नष्ट करने में सहायता करता है !

होम्योपैथी में ऐसी अनेक कारगर दवाई है जो "रोग-प्रतिकारक शक्ति बढ़ाने और शरीर से विष द्रव्यों को बाहर निकालने" में लाभकारी सिद्ध हुई है।

जेनेटिक होम्योपैथिक दवाई

जब रोग पुराना हो जाता है तो उसकी जड़े गहरी और शक्तिशाली होती है। ऐसे रोग से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए तीन तरह की होम्योपैथी दवाई की आवश्यकता होती है >>

  • व्यक्ति विशेष होम्योपैथिक दवाई
  • रोग विशेष होम्योपैथिक दवाई और 
  • प्रतिकार शक्ति वर्धक होम्योपैथिक दवाई।

सिर्फ होमियोपैथी दवाई पर्याप्त है ?

टॉन्सिल्स की सूजन के उपचार में होमियोपैथी दवाई की एक महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन तेज (speedy) और दीर्घ काल परिणाम पाने के लिए यह पर्याप्त नहीं है।

सही आहार, सही जीवनशैली और सही माइंड सेट किसी भी उपचार की सफलता के लिए अनिवार्य घटक है।

जीर्ण (chronic) रोग को जड़ से नष्ट करने के लिए..

रोग जितना अधिक पुराना (जीर्ण) होता जाता है, उसकी जड़े भी उतनी ही अधिक मजबूत और फैली हुई होती है।

ऐसे पुराने रोग को जड़ से नष्ट करने के लिए 4 स्टेप की उपचार प्रक्रिया की आवश्यकता होती है।

इस उपचार प्रक्रिया के 4 स्टेप कुछ इस प्रकार के है >>

स्टेप 1

शुद्धिकरण

Detoxification

इस स्टेप का उद्देश्य है >>

"रक्त और शरीर में जमा मल और विषद्रव्यों की सफाई करना "।

अगर हमारी उपचारक और अन्य कोशिकाओं में कचरा भरा है तो आहार के पोषक तत्वों का शोषण ठीक से नहीं हो पाएगा। शुद्धिकरण के बाद कोशिकाओं की पोषक तत्वों को ग्रहण करने की क्षमता बढ़ जाती है।

इसीलिए पहले शुद्धिकरण, बाद में शक्तिवर्धन !

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स्टेप 2

शक्तिवर्धन

Energizing

इस स्टेप का उद्देश्य है >>

"कोशिकाओं को आवश्यक तत्वों की पूर्ति करके शक्तिशाली और स्वस्थ बनाना"।

अगर हमारे शरीर की कोशिकाएं कमजोर हैं तो उनके द्वारा उत्पन्न की गई नई कोशिकाएं भी कमजोर होंगी। शक्तिवर्धन के बाद स्ट्रोंग कोशिकाओं द्वारा उत्पन्न की गई नई कोशिकाएं भी स्ट्रोंग होंगी।

इसीलिए पहले शुद्धिकरण और शक्तिवर्धन, बाद में विकास और नवनिर्माण !

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स्टेप 3

नवनिर्माण

Growth

इस स्टेप का उद्देश्य है >>

"आंतरिक उपचारक को स्वस्थ शरीर के नव-निर्माण और विकास कार्य के लिए शक्तिशाली बनाना"।

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स्टेप 4

रक्षण

Protection

इस स्टेप का उद्देश्य है >>

"बीमारी ठीक होने के बाद बीमारी फिर से ना हो और आरोग्य दीर्घकाल तक सलामत रहे इसलिए उपाय करना "।

9 कारगर होम्योपैथिक दवाईयां

होम्योपैथी में किसी भी रोग के लिए सिर्फ एक दवाई नहीं होती।

सभी रोग अपने आप में भिन्न-भिन्न होते है।

इसलिए होम्योपैथी में दवाई का चुनाव करने के लिए मुख्य रोग के साथ अन्य लक्षणों को भी जानना जरुरी होता है।

तो आईये अब हम टॉन्सिल्स की सुजन के उपचार में महत्वपूर्ण होम्योपैथिक दवाईयों के बारे में जानकारी लेते है >>

 1. बेलाडोना (Belladonna)

इस दवाई के महत्वपूर्ण लक्षण कुछ इस प्रकार है >>

  • टॉन्सिल्स में सूजन आने की वजह से वे लाल होना।
  • टॉन्सिल्स में से रक्तस्राव होना।
  • कुछ अटकने जैसी पीड़ा होना।
  • सुखी खाँसी की वजह से गला पकड़ लेना।
  • सिरदर्द होना।
  • बुखार आना।

दवाई कैसे लेते है ?

Belladonna 30

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 15 दिन तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

2. बेराइटा कार्ब (Baryta Carb)

इस दवाई के महत्वपूर्ण लक्षण कुछ इस प्रकार है >>

  • मौसम के बदलने से टॉन्सिल्स की तकलीफ होना।
  • पेरिटॉन्सिलर एब्सेस (peritonsilar abscess) होना।
  • बार-बार टॉन्सिल्स की तकलीफ होना।
  • गले में चुभने जैसा दर्द होना।
  • थूक निगलने से दर्द का बढ़ना।
  • गले में जलन होना।
  • हर ठंडी चीज जैसे ठंडा पानी, आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक आदि खाने-पीने से परेशानी होना।

दवाई कैसे लेते है ?

7 दिन तक >>

Baryta Carb 30

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 15 दिन तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

~~~~~~~~~~~~~~~~~~

7 दिन बाद >>

Baryta Carb 200

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 3 महीने तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

3. हेपर सल्फ (Hepar Sulph)

इस दवाई के महत्वपूर्ण लक्षण कुछ इस प्रकार है >>

  • पेरिटॉन्सिलर एब्सेस (peritonsilar abscess) में चुभने जैसा दर्द होना।
  • दर्द गले से शुरू होकर कान तक फैलना।
  • बार-बार टॉन्सिल्स की तकलीफ होना।
  • दर्द अधिकतर निगलते समय होना।
  • गले में खराश महसूस होना और आवाज़ बैठ जाना।
  • सुजन के कारण टॉन्सिल्स बहुत बड़े आकार के हो जाना।
  • गले में मछली का कांटा अटकने की पीड़ा होना।
  • गले में बलगम का जमा होना।
  • पीले रंग का बलगम निकलना।
  • स्वर नली में छोटे-छोटे दाने हो जाना।

दवाई कैसे लेते है ?

15 दिन तक >>

Hepar Sulph 30

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 15 दिन तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

~~~~~~~~~~~~~~~~~~

15 दिन बाद >>

Hepar Sulph 200

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 3 महीने तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

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4. कैलकेरिया कार्ब (Calcarea Carb)

इस दवाई के महत्वपूर्ण लक्षण कुछ इस प्रकार है >>

  • गले में खराश मह्सूस होना और आवाज़ बैठ जाना। 
  • जीर्ण (chronic) स्वरुप की टॉन्सिल्स की सुजन।
  • मौसम के बदलने से टॉन्सिल्स की तकलीफ होना। 

दवाई कैसे लेते है ?

15 दिन तक >>

Calcarea Carb 30

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 15 दिन तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

~~~~~~~~~~~~~~~~~~

15 दिन बाद >>

Calcarea Carb 200

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 3 महीने तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

5. मर्क सोल (Merc Sol)

इस दवाई के महत्वपूर्ण लक्षण कुछ इस प्रकार है >>

  • गले में जलन जैसा तेज दर्द महसूस होना।
  • अधिक थूक का स्त्राव होना।
  • बार-बार निगलने का ख्याल होना।
  • टॉन्सिल्स के ऊपर सफ़ेद दाना दिखना।
  • मुख से दुर्गंध आना।
  • दर्द गले से शुरू होकर कान तक फैलना।

दवाई कैसे लेते है ?

Merc Sol 30

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 15 दिन तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

6. लैकेसिस (Lachesis)

इस दवाई के महत्वपूर्ण लक्षण कुछ इस प्रकार है >>

  • बाई ओर की टॉन्सिल में सुजन आना।
  • टॉन्सिल्स थोडा बैंगनी (purplish) कलर के दिखाई देना।
  • दर्द बाई ओर के गले से शुरू होकर कान तक फैलना।
  • दर्द बाई ओर के टॉन्सिल में शुरू होकर दाई ओर के टॉन्सिल तक फैलना।
  • तरल पदार्थ निगलने से दर्द का बढ़ना।

दवाई कैसे लेते है ?

7 दिन तक >>

Lachesis 30

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 15 दिन तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

~~~~~~~~~~~~~~~~~~

7 दिन बाद >>

Lachesis 200

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 3 महीने तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

7. लायाकोपोडियम (Lycopodium)

इस दवाई के महत्वपूर्ण लक्षण कुछ इस प्रकार है >>

  • दाई ओर की टॉन्सिल में सुजन होना या जख्म बन जाना।
  • गले में घरघराहट होना।
  • साँस लेने में बहुत कष्ट होना।
  • बार-बार खाँसी उठना।
  • दुर्गन्धयुक्त बलगम निकलना।
  • निगलते वक्त दाये टॉन्सिल में तेज दर्द होना।
  • कोल्ड ड्रिंक से दाये टॉन्सिल का दर्द बढ़ना।
  • गरम ड्रिंक से दर्द में राहत होना।

दवाई कैसे लेते है ?

7 दिन तक >>

Lycopodium 30

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 15 दिन तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

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7 दिन बाद >>

Lycopodium 200

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 3 महीने तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

8. फायटोलेका (Phytolacca Decendra)

इस दवाई के महत्वपूर्ण लक्षण कुछ इस प्रकार है >>

  • दर्द गले से शुरू होकर कान तक फैलना।
  • कुछ भी निगलते वक्त दर्द अधिक होना।
  • गरम चीजे खाने से भी दर्द का बढ़ना।
  • साँस लेने में भी पीड़ा होना।
  • गले में जलन महसूस होना।
  • टॉन्सिल्स गहरे लाल (dark red) या हलके नीले (bluish) कलर के दिखाई देना।
  • बच्चों को बार-बार यह तकलीफ होना।

दवाई कैसे लेते है ?

Phytolacca Decendra 30

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 15 दिन तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

9. सोरायनम (Psorinum)

इस दवाई के महत्वपूर्ण लक्षण कुछ इस प्रकार है >>

  • मौसम के बदलने से तुरंत टॉन्सिल्स की तकलीफ होना।
  • पेरिटॉन्सिलर एब्सेस (peritonsilar abscess) होना।

दवाई कैसे लेते है ?

7 दिन तक >>

Psorinum 30

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

~~~~~~~~~~~~~~~~~~

7 दिन बाद >>

Psorinum 200

  • 4 गोली
  • दिन में 4 बार
  • 3 महीने तक
  • नंबर 40 की गोली इस्तेमाल करनी है।

THE MAN BEHIND THE MISSION

Dr. Ashish L. Thakkar

Homoeopath | Speaker | Author
Health Educator & Researcher

पिछले 18 सालों में, होमियोपैथ की भूमिका में, आपने अपने हजारों मरीजों को पुराने और पीड़ादायक रोगों से मुक्त किया है और अनेको को ऑपरेशन से भी बचाया है।

आप खुद को और अपने बच्चों को 17 सालों से बिना किसी दवाई के स्वस्थ रखने में सफल रहे हैं।

आशा करता हूँ कि आपको यह जानकारी अवश्य पसंद आयी होगी।

इस जानकारी के इस्तेमाल से आप को जो भी अनुभव आए, उसे हमें अवश्य बताए।

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अस्वीकरण: इस वेबसाइट में दी गई जानकारी आपके स्वास्थ्य के ज्ञान को बढ़ाने के लिए दी गई है। किसी भी  रोग के इलाज और अधिक जानकारी हेतु अपने डॉक्टर की सलाह जरुर ले।

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